अधूरे शब्द
Monday, 4 August 2014
गंगा के उपर जब बादल छाए तो ऐसा लगा की कई दिनों से प्यासी धरती का प्यास बुझेगा.....और गंगा किनारे बने घाटों की कुछ और सिढ़ीयां पानी में डूबेंगी मगर.....नाहीं बारिश हुई ना धरती की प्यास बुझी.....मगर गंगा की कुछ सिढ़ीयां जरुर पानी में डूब गई....
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